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सभी राजनीतिक पार्टियों की फंडिंग की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए: केजरीवाल

Krishna Nand | December 18, 2016 12:52 PM

मोदी के खिलाफ सबूतों को सार्वजनिक न करने को लेकर राहुल गांधी ने की है एक डील

आम आदमी पार्टी के कन्वीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री कहा है कि सभी राजनीतिक दलों को नोटबंदी के बाद हुई फंडिंग की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी से पहले अपने सारे काले धन को संभालकर बैंकों में रख दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के उप प्रधान राहुल गांधी के बीच एक डील हुई है जिसके चलते राहुल वो बातें जगजाहिर नहीं कर रहे जिनके बारे वो कहते थे कि यदि वो सब बता देंगे तो भूचाल आ जाएगा। श्री केजरीवाल शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
राजनीतिक दलों को नोटबंदी के दौरान पैसा जमा करवाने के नियमों में दी गई छूट पर सवाल उठाते हुए श्री केजरीवाल ने कहा कि ऐसे में जबकि आम लोग अपना ही पैसा जमा नहीं करवा पा रहे तो राजनीतिक दलों को पैसा जमां करवाने के नियमों में छूट क्यों  दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र कमीशन बनाकर सभी राजनीतिक दलों के पिछले पांच साल के खातों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि सियासी पार्टियों को फंडिंग के स्त्रोतों की जांच होनी ही चाहिए। श्री केजरीवाल ने कहा कि २०,००० रुपए के चंदे की सीमा को समाप्त किया जाना चाहिए क्योंकि नियमानुसार जो व्य1ित २०,००० रुपए से कम का चंदा देता है उसका नाम या स्त्रोत बताने की आवश्यकता नहीं होती। श्री केजरीवाल ने मांग की है कि नोटबंदी के बाद या इसके दौरान किस पार्टी को कितना फंड कहां से मिला, इसकी पूरी तफसील सार्वजनिक की जानी चाहिए।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने लोकसभा में बड़े जोर शोर से कहा था कि उनके पास श्री मोदी के खिलाफ निजी भ्रष्टाचार के कुछ ऐसे सबूत हैं जिन्हें यदि वे सार्वजनिक करेंगे तो भूचाल आ जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री शुक्रवार को राहुल गांधी की प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक पर हैरानी जताते हुए कहा कि दोनों की इस इस बैठक के बाद ही ये फैसला लिया गया कि राजनीतिक दलों की आय के स्त्रोतों के बारे सरकार अब नहीं पूछेगी, इसलिए कहा जा सकता है कि दोनों दलों के बीच कोई न कोई डील तो ज़रूर हुई है। उन्होंने कहा कि तो 1या राहुल इसी सौदेबाज़ी के कारण उन पेपर्स को सार्वजनिक नहीं कर रहे जिनके जरिए वो भूचाल लाने की बात कर रहे थे। केजरीवाल ने कहा कि वे राहुल गांधी को सीधे रुप में कहना चाहते हैं कि वो उन पेपर्स को तत्काल सार्वजनिक करके मोदी के भ्रष्टाचार की जानकारी सभी को दें और ये डील करना तुरंत बंद करदें नहीं तो ये देश उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएगा।
ध्यान देने योग्य बात ये भी है कि केंद्र सरकार ने एक तरफ जहां आम नागरिक को नसीहत दी है कि यदि वो ३० दिसंबर तक अपने ५०० या १००० के पुराने नोट जमां करवाना चाहे तो ५० फीसदी टैक्स देकर जितनी धनराशि चाहे जमां करवा सकता है। दूसरी ओर राजनीतिक दलों को ये छूट दे दी गई है कि वे चंदे के रूप में मिले २०,००० रुपए तक अपने खातों में जमां करवा सकते है और उनसे कोई टै1स नहीं वसूला जाएगा। बस ये पर्दा रखा गया है कि बीस हज़ार दान देने वाले की पहचान के दस्तावेज़ जमां करवाने लाजि़मी होंगे लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। हर दल के लाखों प्रशंसक या चाहने वाले हैं, बीस हज़ार की रकम कोई ज्य़ादा बड़ी नहीं है, किसी के हाथ में ये रकम देकर उससे चंदे के रूप में वापिस ले लो और हो गया काम। इस तरह हज़ारों करोड़ रुपया आ जाएगा जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। जहां ये देश के आम नागरिकों के साथ धोखा है वहीं राजनीतिक दलों को अपना काला धन स$फेद करने का मौका देने वाली बात भी है। इससे जहां मोदी के भ्रष्टाचार के दिए गए सभी बयान झूठे होते नजर आ रहे हैं वहीं ये काले धन को सफेद करने की एक सोची समझी चाल भी है जिसे कानूनन चैलेंज नहीं किया जा सकेगा।
श्री केजरीवाल ने संवाददाता सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी के चलते जहां आम और ईमानदार नागरिक लाइनों में लगे हुए हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी नोटबंदी से पहले ही अपने पैसे का प्रबंध कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे हमारी बात की ही ताईद होती है क्यूंकि modi ने कहा था कि सरकार की नीयत साफ नहीं है और वो नोटबंदी करके काले धन के प्रवाह को और बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने हज़ारों करोड़ रुपया दान के रूप में जमां किया है और अब तो उसकी जानकारी देना भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक वाहिद पार्टी है जो मिले हुए दान की एक एक पाई का हिसाब रखती है और जिसने इस हिसाब को सार्वजनिक भी किया है। ज्ञात हो कि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में सहारा-बिड़ला के का$गजों में हुई रिश्वतखोरी में प्रधानमंत्री की भूमिका का पर्दा$फाश किया था। उन्हों ने मांग की कि अब राहुल गांधी भी उस जानकारी को सार्वजनिक करें जिसका इतना शोर है।

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