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अगस्त तक जुड़ेंगे रोहतांग के दोनों छोर

December 30, 2016 10:20 PM

रोहतांग सुरंग के दोनों छोर को जोडऩे का लक्ष्य अगस्त 2017 में रखा गया है जिसे हासिल करने के बीआरओ एफकॉन-स्ट्राबेग और स्मैक कंपनी मिलकर कार्य कर रही है। एफकान-स्ट्राबेग कंपनी बुलंद हौंसलों के साथ इन दिनों माइनस तापमान पर कार्य को अंजाम दे रही है। यह रोहतांग सुंरग न केबल भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करेगी बल्कि लेह और कारगिल जैसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों को मनाली के और समीप लाएगी

मनाली: मनाली लेह मार्ग पर रोहतांग सुरंग का कार्य प्रगति पर है .यदि रफ़्तार ऐसी ही रही तो आने बाले साल के अगस्त तक इस सुरंग के दोनों छोर जुड़ जायेंगे . इस सुरंग के बनने से रोहतांग के उस  पार की दुनिया में एक नये अध्याय का सूत्रपात होगा . सुरंग का काम अब कुछ ही बाकी रह गया है . BRO सर्दियों में भी शुन्य से भी नीचे तापमान में अपने काम को अंजाम देता रहेगा . रोहतांग सुरंग परियोजना के चीफ इंजीनियर डीएन भट्ट के मुताबिक  भारतीय टनलिंग इंजनीयरिंग में एक नया अध्याय जोडऩे वाली 4 हजार करोड़ की लागत से निमार्णाधिन रोहतांग टनल का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बीच बीआरओ 2016 में काम को गति देने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि साउथ पोर्टल में 3965 मीटर जबकि नोर्थ पोर्टल में 3663 मीटर खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। सर्दियों के चलते काम मई तक बंद करना पड़ा है लेकिन मनाली की ओर साउथ पोर्टल पर कार्य युद्धस्तर पर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सुरंग का खुदाई कार्य मात्र 1280 मीटर शेष रह गया है।

रोहतांग सुरंग के दोनों छोर को जोडऩे का लक्ष्य अगस्त 2017 में रखा गया है जिसे हासिल करने के बीआरओ एफकॉन-स्ट्राबेग और स्मैक कंपनी मिलकर कार्य कर रही है। एफकान-स्ट्राबेग कंपनी बुलंद हौंसलों के साथ इन दिनों माइनस तापमान पर कार्य को अंजाम दे रही है। यह रोहतांग सुंरग न केबल भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करेगी बल्कि लेह और कारगिल जैसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों को मनाली के और समीप लाएगी। बीआरओ रोहतांग सुरंग परियोजना के निदेशक कर्नल संजय थपलियाल ने कहा कि इस बार बीआरओ सर्दियों में भी रोहतांग सुरंग के कार्य को युद्धस्तर पर जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी परिस्थितियों के बावजूद बीआरओ अगस्त 2017 दोनों छोर को जोड़ देगा ताकि सर्दियों में भी लाहुल की ओर काम को अंजाम दिया जा सके।

सेरी नाले से पानी रिसाव से पैदा हुई कठिन व मुश्किल परिस्थितियों से निपटने में अपनी सूझबूझ दिखाने वाले स्ट्रावेग-एफकोन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील त्यागी ने कहा कि कंपनी युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी समय पर टनल की खुदाई कार्य को अंजाम देगी। स्मैक कंपनी के डिप्टी मैनेजर राजेश अरोड़ा ने कहा कि हिमालयन की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन में जरुरत के हिसाब से बदलाव करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर माइकल कास्टनर के नेतृत्व में एक बेहतरीन प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

 

 

 

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