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प्रदेश की सबसे टैक्सी यूनियन मनाली के खिलाफ बगावत

December 29, 2016 04:32 PM

मनाली: विंटर कार्निवाल से पहले प्रदेश की सबसे बड़ी टैक्सी यूनियन मनाली में तुफान आ गया है। टैक्सी यूनियन प्रधान के खिलाफ यूनियन के ही लोगों ने बगावत खड़ी कर दी है। विवाद टैक्सी यूनियन द्वारा पूर्व में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खरीदी गई एंबुलैंस की निलामी को लेकर खड़ा हुआ है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पूर्व कार्यकाल में टैक्सी यूनियन द्वारा जनता की स्वास्थय व यूनियन की आपातकालीन सेवाओं  के लिए एक एंबुलैंस खरीदी गई थी। लेकिन वर्तमान प्रधान नियमों को ताक पर रखकर गैर कानूनी तरीके से इस एंबुलैंस की निलामी लॉटरी सिस्टम से कर रहे हैं। युनयिन के सदस्य उपायुक्त कुल्लू से मिले और उन्होंने तुरंत इस धांधली पर रोक लगाने की मांग की है। उपायुक्त को दिए प्रस्ताव में सदस्यों ने कहा है कि इस एंबुलैंस को लौटरी ड्रा के तहत बेचा जा रहा है और बाकायदा 500 रूपए का टिकट रखा गया है। इस तरह टिकट बेच कर जहां लाखों कमाए जा रहे हैं वहीं, रैडक्रास के नियमों का उलंघन किया जा रहा है। सदस्यों ने बताया कि संस्था के पदाधिकारियों व सदस्यों को भी इस मामले में विश्वास में नहीं लिया गया है और लॉटरी ड्रा निकाल कर नियमों की भी उलंघना की जा रही है जबकि प्रदेश में इस तरह के लॉटरी ड्रा सिस्टम पर प्रतिबंध लगा हुआ है। सदस्यों में धर्म चंद, केहर सिंह, दिलीप सिंह, शिव राम, हरी राम, नाथू राम, कुलदीप आचार्य, श्याम लाल, वेद प्रकाश, एमडी शर्मा, पूर्ण चंद ठाकुर,  महेंद्र राणा, दीना नाथ व भाग चंद ने बताया कि  सिर्फ एंबुलैंस का ही लॉटरी ड्रा सिस्टम ड्रा नहीं किया जा रहा है बल्कि अन्य कई ईनाम रखे गए हैं। सदस्यों ने बताया कि यह लौटरी सिस्टम 10 जनवरी को करवाया जा रहा है और नियमों की पूरी अवहेलना की जा रही है।

धर्म चंद, केहर सिंह, दिलीप सिंह, शिव राम, हरी राम, नाथू राम, कुलदीप आचार्य, श्याम लाल, वेद प्रकाश, एमडी शर्मा, पूर्ण चंद ठाकुर,  महेंद्र राणा, दीना नाथ व भाग चंद ने बताया कि  सिर्फ एंबुलैंस का ही लौटरी सिस्टम ड्रा नहीं किया जा रहा है बल्कि अन्य कई ईनाम रखे गए हैं। सदस्यों ने बताया कि यह लौटरी सिस्टम 10 जनवरी को करवाया जा रहा है और नियमों की पूरी अवहेलना की जा रही है। 

  सदस्यों ने कहा कि यदि इस आपातकालीन एंबुलैंस की लॉटरी ड्रा सिस्टम द्वारा निलामी होती है तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खड़काया जाएगा। 

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