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हिमाचल की सड़को में आशातीत सुधार

December 25, 2016 06:36 PM
दौलत भारती
shimla : राज्य की सड़कों की स्थिति में विशेषकर पिछले तीन वर्षों के दौरान आशातीत सुधार हुआ है। सड़कों की स्थिति की यह रिपोर्ट विश्व बैंक सड़क परियोजनाओं के दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत एक स्वतंत्र एजेंसी ष्टी.एन.एस.इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड  द्वारा राज्य में किए गए रोड़ यूजर्स सेटिस्फेक्सन सर्वे में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर 40 प्रतिशत लोगों का भरोसा है कि प्रदेश की सड़कें आवागमन के लिए बेहतर एवं सन्तोषजनक हैं।
हिमाचल प्रदेश में किए गए सर्वेक्षण पर विगत दिनों में  आयोजित एक बैठक के दौरान विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में हि.प्र. लोक निर्माण विभाग तथा  हि.प्र. सड़क अधोसंरचना विकास निगम के वरिष्ठ अभियन्ताओं ने भाग लिया। यह सर्वेक्षण  हि.प्र. सड़क अधोसंरचना विकास निगम के एक प्रस्ताव पर विभिन्न तीन चरणों क्रमशः वर्ष 2007 में बेस लाईन सर्वेक्षण, वर्ष 2011-12 में मिडल लाईन सर्वेक्षण तथा वर्ष 2016 में एंड लाईन सर्वेक्षण किया गया। 
सर्वेक्षण भौगोलिक आधार, डाटा एकत्रीकरण विधियों, सड़क प्रयोग करने वाले लोगों के साक्षात्कार, हितधारकों से सलाह, विभिन्न नमूने एकत्र करना, समाचार पत्रों की अपील इत्यादि विभिन्न मापदण्डों के आधार पर लाहौल-स्पिति तथा किन्नौर को छोड़कर राज्य के 10 जिलों में किया गया। सर्वेक्षण का उद्देश्य सड़क प्रयोग करने वालों की सन्तुष्टि सूचक सहित लोक निर्माण विभाग के प्रदर्शन बारे लोगों की सोच तथा परियोजना सड़कों पर गति का पता लगाना है। 
अन्तिम सर्वेक्षण के दौरान राज्य के कुल 7200 लोगों के साक्षात्कार किए गए, जिनमें 4032 मुख्य उपयोगकर्ता तथा 3168 अन्य प्रयोगकर्ता थे। सड़कों के चौराहों पर भीड़-भाड़ की समस्या पर 46 प्रतिशत लोग संतुष्ट दिखाई दिए, जबकि केवल 11 प्रतिशत लोग सड़कों की चौड़ाई की पर्याप्तता को लेकर कुछ हद तक ही सन्तुष्ट दिखे। केवल 25 प्रतिशत लोगों ने अधिकांश समय सड़क निर्माण गतिविधियों के लिए निर्माण सामग्री देखी है।
सर्वेक्षण में पाया गया कि हिमाचल की सड़कों पर औसतन गति 40.1 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो पहाड़ी राज्यों के लिए काफी सन्तोषजनक है। सड़कों को पक्का करने की गुणावत्ता में बेस लाईन के मुकाबले एंड लाईन सर्वेक्षण में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। 
अन्तिम सर्वेक्षण के दौरान राज्य के कुल 7200 लोगों के साक्षात्कार किए गए, जिनमें 4032 मुख्य उपयोगकर्ता तथा 3168 अन्य प्रयोगकर्ता थे। सड़कों के चौराहों पर भीड़-भाड़ की समस्या पर 46 प्रतिशत लोग संतुष्ट दिखाई दिए, जबकि केवल 11 प्रतिशत लोग सड़कों की चौड़ाई की पर्याप्तता को लेकर कुछ हद तक ही सन्तुष्ट दिखे। केवल 25 प्रतिशत लोगों ने अधिकांश समय सड़क निर्माण गतिविधियों के लिए निर्माण सामग्री देखी है।
सर्वेक्षण में पाया गया कि हिमाचल की सड़कों पर औसतन गति 40.1 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो पहाड़ी राज्यों के लिए काफी सन्तोषजनक है। सड़कों को पक्का करने की गुणावत्ता में बेस लाईन के मुकाबले एंड लाईन सर्वेक्षण में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। लगभग 45 प्रतिशत यात्री इन सड़कों पर सुरक्षित आवाजाही महसूस करते हैं, जबकि 41 प्रतिशत मुख्य उपयोगकर्ता सुरक्षा उपायों जैसे रेलिंग, बैंड, पैराफिट इत्यादि को लेकर सन्तुष्ट हैं। वर्तमान सर्वेक्षण में पाया गया है कि लगभग 66 प्रतिशत नियमित उपयोगकर्ता तथा 55 प्रतिशत अन्य यात्री हिमाचल की सड़कों पर पुलिस पोस्ट अथवा वाहनों की गशत की उपलब्धता एवं सुगमता को लेकर सन्तुष्ट हैं।
राज्य की सड़क सुविधाओं पर रिपोर्ट में कहा गया है कि आधे से अधिक सड़क उपयोगकर्ताओं ने सार्वजनिक शौचालयों, स्नानागार, रेस्तरां तथा पेयजल जैसी सुविधाओं की उपलब्धता को संतोषजनक बताया। आपातकाल में चिकित्सा सहायता के लिए 108 की बेहतर सुविधा उपलब्ध है। सड़कों के किनारे पौधरोपण को लेकर लगभग 33 प्रतिशत लोग काफी सन्तुष्ट हैं।
 
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