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22 अगस्त से हिमाचल प्रदेश में होगा मानसून सत्र शुरू

August 13, 2017 11:29 AM

शिमला हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के लिए माननीय सक्रिय हो गए हैं। अब तक 115 ऑनलाइन सवाल उनके द्वारा विधानसभा सचिवालय भेजे गए हैं, जिन्हें सचिवालय द्वारा विभिन्न महकमों को विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए भेज दिया गया है।

 इस बार यह सत्र इसलिए भी खास होगा, क्योंकि विधानसभा चुनाव समीप हैं। मौजूदा वीरभद्र सरकार का यह अंतिम सत्र है। लिहाजा सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों की तरफ से इस दौरान वार व पलटवार की भी पूरी तैयारी चल रही है।

 22 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र के दौरान सरकार मेडिकल यूनिवर्सिटी का विधेयक भी पेश कर सकती है। वहीं क्लस्टर यूनिवर्सिटी के विधेयक की भी चर्चा है।

 सत्तापक्ष व विपक्ष के जिन विधायकों द्वारा 115 सवाल भेजे गए हैं, उनमें भ्रष्टाचार, विभिन्न महकमों में भर्तियां, नए संस्थानों को खोलने पर आधारित जानकारी, सड़क, शिक्षा, बागबानी व कानून व्यवस्था पर आधारित सवाल हैं।

 इस बार यह सत्र इसलिए भी खास होगा, क्योंकि विधानसभा चुनाव समीप हैं। मौजूदा वीरभद्र सरकार का यह अंतिम सत्र है। लिहाजा सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों की तरफ से इस दौरान वार व पलटवार की भी पूरी तैयारी चल रही है।

 अभी तक मंडी में होशियार सिंह व कोटखाई में छात्रा के गैंगरेप व मर्डर मिस्ट्री की स्याही सूखी भी नहीं थी कि धर्मशाला प्रवास के दौरान गद्दी समुदाय पर की गई टिप्पणी से आहत लोगों ने सड़कों पर उतरकर धरने-प्रदर्शन शुरू कर दिए।

 हालांकि मुख्यमंत्री ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की बात कही। बावजूद इसके यह समुदाय अब भी खिन्न दिख रहा है।

 हालांकि कांग्रेस के समर्थक इस समुदाय के लोगों ने भी सरकार के समर्थन में हुंकार भरी है। बावजूद इसके विपक्ष के हाथों कानून व्यवस्था से हटकर यह मुद्दा लग चुका है।

 इसे भुनाने के लिए विपक्ष सदन के भीतर भी पुरजोर प्रयास कर सकता है। विपक्ष के लिए यह सत्र किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगा। सदन से बाहर जितना भी हो-हल्ला होता रहा हो, मगर विपक्ष विधानसभा के अंदर सरकार को कितने प्रभावी तरीके से घेरने में सफल होता है, इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें रहती हैं।

सिर पर हों। उधर, सत्तापक्ष की तरफ से न केवल सवालों के जवाब तैयार करवाए जा रहे हैं, बल्कि विपक्ष की काट के लिए अलग से रणनीति तैयार हो रही है।

 गद्दी प्रकरण को शांत करने के लिए डैमेज कंट्रोल शुरू हो चुका है। बावजूद इसके विपक्ष ऐसे मुद्दों पर इस बार सरकार पर हावी होने का प्रयास करेगा। बहरहाल, चुनावी साझ में यह सत्र किन मायनों में अलग साबित होगा, इस पर नजरें होंगी।

 

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