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आंगनवाड़ी केन्द्रों के गुणात्मक सुधार के लिए ग्रामीणों से सुझाव लें अधिकारी: राकेश कंवर

July 25, 2017 04:26 PM

सोलन:

राकेश कंवर ने कहा कि बच्चों एवं किशोरों को स्वस्थ रखने एवं प्रारम्भिक स्तर पर उनके बौद्धिक विकास में आंगनवाड़ी केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बदलते परिवेश में यह आवश्यक है कि आंगनवाड़ी केन्द्र में भी आमूल-चूल परिवर्तन किए जाएं ताकि इन केन्द्रांे के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तायुक्त पूर्वशाला शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जिलावासियों की राय एवं सुझाव जानने आवश्यक हैं। इन सुझावों को अपनाकर आंगनवाड़ी केन्द्रों को व्यावहारिक बनाया जा सकता है।

उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिाकरियों को निर्देश दिए हैं कि वे आंगनवाड़ी केन्द्रों के गुणात्मक सुधार व इनमें बच्चों की संख्या को बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों से सुझाव लें। उपायुक्त आज यहां महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उपायुक्त ने कहा कि 11 से 18 वर्ष की किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश के सोलन, चम्बा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना (सबला) कार्यान्वित की जा रही है। सोलन जिले में वर्तमान में अनुसूचित जाति की 10,905, अनुसूचित जनजाति की 1,553 तथा अन्य वर्गों की 19,283 किशोरियों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना में किशोरियों को पोषाहार के साथ-साथ प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केन्द्रों में वर्तमान में 0 से 6 वर्ष आयुवर्ग में 51,343 बच्चों को पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 1281 आंगनवाड़ी केन्द्र हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि बेटी है अनमोल योजना के तहत प्रथम घटक में 343 लाभार्थियों को वर्ष 2016-17 में 34 लाख 25 हजार 100 रुपये तथा इसी समयावधि में द्वितीय घटक में 1655 लाभार्थियों को 20 लाख 60 हजार 714 रुपये की धनराशि प्रदान की गई। बैठक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मदर टेरेसा मातृ सम्बल योजना, माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना सहित अन्य योजनाओं पर सारगर्भित चर्चा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी ने बैठक में विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानू गुप्ता, उप निदेशक उच्च शिक्षा पुष्पा शर्मा, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. चन्द्रेश्वर शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक विद्याचन्द नेगी, जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर, जिला योजना अधिकारी प्रदीप पुरटा, श्रम अधिकारी सोलन राजेश पनगडि़या एवं सभी खण्डों के बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।

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