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दिल्ली में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का कल्याण करेगा आयोग

April 15, 2017 09:56 PM
दिल्ली:
 
दिल्ली में रहने वाले लाखो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों से लुभावने वादे तो कई सरकारों ने किए, लेकिन कभी किसी सरकर ने इनके कल्याण के लिए किसी आयोग की स्थापना करने की नहीं सोची थी, 14 अप्रैल को दिल्ली विधानसभा परिसर में भारतीय संविधान के रचयिता भारत रत्न भीमराव रामजी अंबेडकर जी की 126 वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक ने यह घोषणा करते हुए कहा दिल्ली में जल्द ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया जाएगा, ताकि इस समाज के लोगों का कल्याण हो सके.
 

दिल्ली में इस आयोग के गठन के बाद अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों की स्थिति सुधरेगी और इनके कल्याण के लिए तरह-तरह की योजना बनाकर कार्य किया जाएगा ताकि यह समाज अन्य जातियों की तरह पूर्ण विकसित हो सके.  सैकड़ों वर्षों से  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोग दबी हुई स्थिति में रहे है इनको सक्षम बनाने के लिए इस आयोग की बहुत जरूरत है.

 
केजरीवाल ने कहा दिल्ली में इस समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। अम्बेडकर लाखों दलितों और वंचितों के नेता थे। केजरीवाल ने कहा,‘उन्होंने भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो विश्व के सभी संविधानों में श्रेष्ठ और उत्कृष्ट कृति है।’  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों की दिल्ली में लाखों की आबादी है और इस आबादी की कभी भी अन्य दलों ने सुध नहीं ली थी, केवल नाममात्र के लिए इनके लिए योजना तैयार की जाती थी जिसका इनको कोई लाभ नहीं मिल पाता था.
 
दिल्ली में इस आयोग के गठन के बाद अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों की स्थिति सुधरेगी और इनके कल्याण के लिए तरह-तरह की योजना बनाकर कार्य किया जाएगा ताकि यह समाज अन्य जातियों की तरह पूर्ण विकसित हो सके.  सैकड़ों वर्षों से  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोग दबी हुई स्थिति में रहे है इनको सक्षम बनाने के लिए इस आयोग की बहुत जरूरत है.
 
केजरीवाल जी के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग बनाने की बात का लोगों ने स्वागत किया और कहा पहली बार किसी सरकर ने उनके हित में कार्य करने की पहल की है और इस पहल से इस समाज के लोगों का कल्याण सम्भव है, केजरीवाल जी के इस कथन के बाद विपक्षियों ने जोर मचाना शुरू कर, लेकिन क्या उनके पास इस बात का जबाब है कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए क्या किया.
 
इस सवाल का जबाब शायद वह दे भी नहीं सकते क्योकि कभी उन्होंने इनके लिए कोई आयोग गठित करने की बात सपने में भी नहीं सोची थी ! फिलहाल अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों में इस बात को लेकर ख़ुशी है कि दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने  भारत रत्न भीमराव रामजी अंबेडकर की 126 वीं जयंती पर यह घोषणा की !    
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