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कुल्लू में धूमधाम से बनाया गया , हिमाचल दिवस

April 15, 2017 03:49 PM

कुल्लू:

कर्ण सिंह गुलेरिया पिछले 30 वर्षाें से आंखों की कार्य करने की क्षमता व उससे जुड़े अन्य पहलुओं व आधुनिक्ता का आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव पर शोध कर रहे हैं। आंखों की कार्यशैली पर उनकी लिखी किताब विज़न 20 20 के शोधपत्र डॉ राजेंद्र प्रसाद मैडिकल कॉलेज टांडा, कांगड़ा( हिमाचल प्रदेश )से छपने वाले सब हिमालयन जरनल ऑफ हैल्थ रिसर्च के वोल्यूम 3 के जनवरी-जून 2016 के अंक में छप चुके हैं।

 
 
दृष्टि विज्ञान क्षेत्र में उत्तर भारत के प्रथम परास्नातक (सरकारी क्षेत्र) व विज़न 20 20 के लेखक वरिष्ठ नेत्र विज्ञान अधिकारी कर्ण सिंह गु लेरिया को स्वास्थय क्षेत्र में उतकृष्ट सेवाओं के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। हिमाचल दिवस अवसर पर आयोजित जि़ला स्तरीय कार्यक्रम में सूबे के स्वास्थ मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने उन्हें प्रश्स्ति पत्र देकर सम्मानित किया है व सेवा भाव के उनके जजबे की होंसला अफज़ाई की है।

कर्ण सिंह गुलेरिया पिछले 30 वर्षाें से आंखों की कार्य करने की क्षमता व उससे जुड़े अन्य पहलुओं व आधुनिक्ता का आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव पर शोध कर रहे हैं। आंखों की कार्यशैली पर उनकी लिखी किताब विज़न 20 20 के शोधपत्र डॉ राजेंद्र प्रसाद मैडिकल कॉलेज टांडा, कांगड़ा( हिमाचल प्रदेश )से छपने वाले सब हिमालयन जरनल ऑफ हैल्थ रिसर्च के वोल्यूम 3 के जनवरी-जून 2016 के अंक में छप चुके हैं।

कर्ण सिंह गुलेरिया अपने सेवा काल में कुल्लू जि़ला के नग्गर, बंजार, मनाली में सेवाएं दे चुके हैं व मौजूदा समय में वह क्षेत्रिय अस्पताल कुल्लू में कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने आंखों की कार्यशैली व क्षमता पर शोध किया है जो आंखों की बीमारियों को सही तरीके से समझने व ईलाज में सहायक रही। उनके शोधपत्र मैडिकल कॉलेज छात्रों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुशील शर्मा ने कहा है कि यह सभी स्वास्थय संस्थानों के लिए गर्व की बात है व मैडिकल स्टॉफ के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थय क्षेत्र में ऐसे निष्ठावान नेत्र विज्ञान अधिकारी का कार्यरत होना जि़ला के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि कर्ण सिंह द्वारा की जाने वाली रिफरैक्श्न करने में शत प्रतिशत परिणाम सामने आए हैं।

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